Bharatiya Jyotish Ka Itihas Pdf / भारतीय ज्योतिष का इतिहास Pdf

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Bharatiya Jyotish Ka Itihas Pdf / भारतीय ज्योतिष का इतिहास पीडीएफ

 

 

 

पुस्तक का नाम  भारतीय ज्योतिष का इतिहास
पुस्तक के लेखक  गोरख प्रसाद 
पुस्तक की भाषा  हिंदी 
फॉर्मेट  PDF
कुल पृष्ठ  314 
साइज  8.64 MB
श्रेणी  ज्योतिष

 

 

 

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सिर्फ पढ़ने के लिए

 

 

 

रणभूमि में तुझे खिलवाड़ करते हुए तुझे न परलोक भेजू तब तक अभी पहले से ही क्या बड़ाई करूँ। अंगद ने पहले ही सभा में आने से पूर्व उसके पुत्र को परलोक भेज दिया था। यह संवाद सुनकर रावण दुखी हो गया।

 

 

 

35- दोहा का अर्थ-

 

 

 

शत्रु के बल का मर्दन कर बल की राशि बालि पुत्र अंगद जी हर्षित होकर आकर श्री राम जी के चरण कमल पकड़ लिए। उनका शरीर पुलकित है और नेत्रों में जल भरा है। संध्या हो गयी जानकर दशग्रीव विलखता हुआ उदास होकर महल में गया। मंदोदरी ने रावण को समझाकर फिर कहा।

 

 

 

 

चौपाई का अर्थ-

 

 

हे कांत!मन में समझकर कुबुद्धि को छोड़ दो। आपसे और रघुनाथ जी से युद्ध शोभा नहीं देता। उनके छोटे भाई ने एक जरा सी रेखा खींच दी थी उसे भी आप लाँघ नहीं सके ऐसा तो आपका पुरुषत्व है।

 

 

 

हे प्रियतम! जिनके दूत का ऐसा काम है क्या आप उन्हें संग्राम में जीत सकेंगे? खेल-खेल में ही समुद्र लांघकर वह वानरों में सिंह हनुमान आपकी लंका में निर्भय चला आया।

 

 

 

 

रखवालो को परलोक भेजकर उसने अशोक वन को उजाड़ डाला। आपके देखते ही उसने अक्षय कुमार को भी परलोक भेज दिया और सम्पूर्ण नगर को राख के ढेर में बदल दिया। उस समय आपके बल का गर्व कहां चला गया था।

 

 

 

 

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