चाचा चौधरी कॉमिक्स | Chacha Chaudhary Comics Hindi Pdf

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Chacha Chaudhary Comics Pdf In Hindi

 

 

 

 

 

 

 

 

एक गांव में जैकी नामक किसान अपने तीन पुत्रो के साथ रहता था। जैकी अपनी पत्नी रूबी के साथ अपने तीन पुत्रो की परवरिश करता था। उसका बड़ा पुत्र पीटर अपने पिता के साथ खेती के कार्य में हाथ बंटाता था। जैकी का मंझला पुत्र माइकल घोड़े से बाजार जाता और दैनिक उपयोग की वस्तुए लेकर घर आकर एक छोटी सी दुकान चलाता तथा अपने पिता जैकी का सहयोग करता था।

 

 

 

जैकी का सबसे छोटे पुत्र का रॉकी था वह सबसे छोटा होने के कारण सबकी आँखों का तारा था। रॉकी ने एक छोटा सा डॉगी पाल रखा था और सारे दिन अपने डॉगी सुमो के साथ खेलता रहता था। समय के पहले ही जैकी को एक गहरा आघात लगा उसकी पत्नी रूबी ने उसका हाथ छोड़ दिया अब बच्चो की जिम्मेदारी जैकी के ऊपर आ गयी थी।

 

 

 

 

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समय का चक्र कभी रुकता नहीं वह चलता रहता है। एक दिन जैकी बीमार पड़ गया उसकी बीमारी ठीक होने का नाम ही नहीं ले रही थी। जैकी समझ गया था कि अब उसका बचना संभव नहीं है। उसने अपने तीनो पुत्रो को अपने पास बुलाया और कहा – अब हमारा समय खत्म होने वाला है अतः तुम लोग हमारे कहे अनुसार कार्य करोगे तो पूर्ण रूप से सुखी रहोगे।

 

 

 

जैकी ने अपने बड़े पुत्र को सारे खेत देकर बोला – तुम मेहनत से खेती करना तथा अपने दोनों भाइयो का ध्यान रखना फिर अपने मंझले लड़के से जाकी बोला – माइकल! तुम पूरी ईमानदारी से अपना व्यवसाय करना तथा अपने दोनों भाइयो के साथ सहयोग करना फिर जैकी ने अपने छोटे पुत्र रॉकी को बुलाया और कहा – तुम अपने डॉगी सुमो का ख्याल रखना वही तुम्हारी हर प्रकार से मदद करेगा।

 

 

 

अपने सभी पुत्रो को समझाने के बाद जैकी ने प्राण त्याग दिया। पीटर और माइकल तो खुश थे क्योंकि उनके पास जीविका का साधन था। लेकिन रॉकी दुखी था कारण कि उसे अपने डॉगी सुमो के लिए भोजन का प्रबंध करना था। डॉगी सुमो अपने मालिक को उदास देखकर बहुत दुखी हो गया।

 

 

 

वह ईश्वर से प्रार्थना करने लगा कि उसे आवाज प्रदान कर दे जिससे वह अपने मालिक रॉकी की सहायता कर सके। ईश्वर ने डॉगी सुमो की प्रार्थना स्वीकार कर लिया और उसे आवाज प्रदान कर दिया अब डॉगी मनुष्यो की भांति बोल सकता था। डॉगी सुमो बोला – डियर रॉकी! क्या सोच रहे हो?

 

 

 

रॉकी अपने डॉगी सुमो को मनुष्य की भांति बोलता सुनकर अचरज में पड़ गया। वह खुश होते हुए बोला – सुमो! क्या तुम हमारे जैसा बोल सकते हो? डॉगी सुमो बोला – श्रीमान! मैंने ईश्वर से प्रार्थना किया था कि हमे आवाज प्रदान कर दे ताकि मैं आपकी सहायता कर सकूं। रॉकी अपने डॉगी सुमो से बोला – हम दो लोग है किस प्रकार से हम लोगो के लिए भोजन का प्रबंध होगा।

 

 

 

डॉगी सुमो रॉकी से बोला – आप इसकी फ़िक्र मत करो अब से यह सब कार्य मैं ही करूँगा। डॉगी सुमो रॉकी को लेकर एक जंगल की तरफ चला गया। जंगल के दूसरे किनारे पर एक बहुत बड़ा खेत था। उसके कई तरह के खरबूजे, ककड़ी, खीरा, निम्बू इत्यादि लगे हुए थे।

 

 

 

एक किसान वहां रखवाली कर रहा था लेकिन जंगली जानवर उसकी सभी फसल को खराब कर देते थे। डॉगी सुमो उस किसान के पास गया और बोला – क्या आप मुझे अपने फसल की रखवाली करने के लिए रखोगे? एक डॉगी को मनुष्य की आवाज में बात करते हुए सुनकर वह किसान अचरज में बोला – क्या तुम आदमी के जैसे बोल सकते हो?

 

 

 

डॉगी सुमो बोला – आपको कोई शक है क्या? किसान के पास शक करने की कोई जगह ही नहीं थी वह खुश होकर डॉगी सुमो को खेत की रखवाली के लिए रख लिया। किसान की सारी चिंता समाप्त हो गयी थी। रात्रि के समय डॉगी सुमो अपने शरीर को बहुत बड़े आकार में कर लेता था जो भी जंगली जानवर फसल को नुकसान करने का प्रयास करता था वह डॉगी के डरावने डील-डौल को देखकर भाग जाता था जिससे पूरी फसल सुरक्षित रहती थी।

 

 

 

इस प्रकार किसान को बहुत फायदा मिलता था। धीरे-धीरे यह बात बहुत दूर तक फ़ैल गयी थी कि स्मिथ नामक किसान के पास एक सुमो डॉगी है जो मनुष्य की भांति बोलता है और उसके खेत की रखवाली करता है। डॉगी सुमो को देखने के लिए दूर-दूर से आने लगे। आदमी की भांति डॉगी को बात करते हुए लोग उसे उपहार भी देते थे।

 

 

 

एक दिन रॉकी बोला – सुमो! तुम अब आदमी की तरह बात करते हो तब तुम्हे आदमियों की भांति कपड़े भी पहनने चाहिए। मैं आज ही मार्केट से तुम्हारे लिए कपड़ा और जूता लेकर आता हूँ। रॉकी बाजार से सपने डॉगी सुमो के लिए  पैंट, जूता टाई और हैट लेकर आया और डॉगी को पहना दिया तथा एक कुर्सी लेकर उसपर डॉगी को बैठा दिया अब तो डॉगी सभी के लिए कौतुहल का विषय बन गया।

 

 

 

यह चर्चा शहर के दीवान स्टीफन के पास भी पहुंच गयी। वह भी अपनी पत्नी मार्था तथा पुत्री लूसिया के साथ डॉगी को देखने पहुंच गया। डॉगी सुमो ने दीवान स्टीफन और मार्था के साथ ही लूसिया को वेलकम बोला तथा स्मिथ को उनके स्वागत की व्यवस्था करने के लिए कहा।

 

 

 

बेचारे स्मिथ के लिए डॉगी सुमो की आज्ञा का पालन करने के सिवाय कोई रास्ता नहीं था। लूसिया डॉगी सुमो तथा रॉकी से बहुत प्रभावित हुई। एक डॉगी सुमो रॉकी से बोला – डियर रॉकी! अब हमे यहां से चलना चाहिए क्योंकि यहां बहुत से लोग हमे देखने के लिए आते है।

 

 

 

डॉगी सुमो किसान स्मिथ से बोला – डियर स्मिथ! तुमने हमारी बहुत सहायता किया इसके लिए मैं तुम्हे थैंक्यू बोलता हूँ। अब हम लोग यहां से कही और जायेंगे। डॉगी सुमो के जाने की बात सुनकर किसान स्मिथ परेशान हो गया वह डॉगी सुमो से बोला – दीवान साहब अपनी पुत्री का रिश्ता रॉकी से करना चाहते है।

 

 

 

उन्होंने कहा है कि रॉकी से पूछकर बताना डॉगी सुमो बोला – हम लोगो के पास कोई रहने का ठिकाना तो है नहीं तो शादी का सवाल ही नहीं उठता है। किसान स्मिथ बोला – मैं तुम्हे एक ऐसा सुंदर महल दिखा सकता हूँ लेकिन वहां एक आत्मा का निवास है। उस महल में सभी सुविधा है लेकिन वह आत्मा उस महल में किसी को रहने नहीं देती है।

 

 

 

डॉगी सुमो बोला – तुम मुझे वह महल दिखा दो बाकी सारा कार्य मैं कर लूंगा। किसान स्मिथ डॉगी सुमो को लेकर जंगल के बीच में गया दूर से ही एक सुनहरे महल की तरफ इशारा किया। डॉगी सुमो ने स्मिथ से कहा – अब तुम जाओ मैं कल सुबह तक तुमसे मिलूंगा यह बात रॉकी को नहीं बताना।

 

 

 

स्मिथ लौट गया। डॉगी सुमो उस सुनहरे महल की तरफ बढ़ गया। डॉगी सुमो जब महल के पास पहुंचा तो उस सुनहरे महल का दरवाजा अपने आप खुल गया तथा एक आवाज ने डॉगी सुमो का वेलकम किया चूँकि सुमो एक डॉगी था इसलिए वह उस आवाज के वास्तविक रूप को देख सकता था।

 

 

 

वह एक पादरी की आत्मा थी। वह आत्मा बोली – अब तुम यहां से आ गए हो सुमो! अब हमारा इंतजार समाप्त हो गया तथा हमारे लिए स्वर्ग के द्वार खुल गए है। आज से तुम यहां के मालिक हो तथा अपने साथ रॉकी को भी ले आओ। मुझे परमात्मा ने एक छोटी सी गलती के लिए यहां कैद रहने की सजा दिया था और बोला था कि जिस दिन आदमी की तरह बात करने वाला कोई डॉगी यहां आएगा उसी दिन तुम्हारी स्वर्ग में वापसी हो जाएगी।

 

 

 

इतना कहते हुए वह स्वर्ग में चली गयी। डॉगी सुमो ने पूरे महल में घूमकर देखा धन दौलत के साथ ही खाने पीने की सभी वस्तुए प्रचुर मात्रा में उपलब्ध थी। सुबह होते ही डॉगी दौड़ता हुआ स्मिथ के घर आया तथा रॉकी से पूरी कहानी कह दिया। फिर डॉगी सुमो स्मिथ से बोला – आप स्टीफन उनकी पत्नी मार्था तथा उनकी पुत्री लूसिया को सुनहरे महल में डिनर पर आमंत्रित कर दो।

 

 

 

डॉगी सुमो की बात सुनकर स्मिथ तीव्र गति से दीवान स्टीफन के पास पहुंचकर उन्हें पूरे परिवार के साथ सुनहरे महल में रॉकी के साथ डिनर पर आमंत्रित कर दिया। डॉगी सुमो रॉकी को लेकर पहले ही सुनहरे महल में पहुंच गया था। अपने परिवार के साथ दीवान स्टीफन रात्रि में डिनर के लिए रॉकी के सुनहरे महल में पहुंच गए थे।

 

 

 

वहां का वैभव देखकर वह बहुत प्रभावित हुए तत्काल ही उन्होंने अपनी पुत्री का हाथ स्मिथ की उपस्थित में रॉकी को सौप दिया। रॉकी लूसिया डॉगी सुमो तथा किसान स्मिथ के साथ सुखी जीवन यापन करने लगा।

 

 

 

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