5 + Detective Novels in Hindi Pdf / जासूसी उपन्यास Pdf

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एल्गा गोरस हिंदी उपन्यास यहां से डाउनलोड करे।

 

 

 

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विधवा का पति हिंदी नॉवेल यहां से डाउनलोड करे।

 

 

 

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हत्यारा एक सुहागिन की हिंदी नॉवेल यहां से डाउनलोड करे।

 

 

 

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काला अंग्रेज हिंदी उपन्यास यहां से डाउनलोड करे।

 

 

 

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सिर्फ पढ़ने के लिए

 

 

 

 

तथा हर समय उसकी ढाल बनकर उसकी सुरक्षा करती है क्योंकि वह अपनी मां का लाडला छोटा जो था। कुछ समय बाद नरेश विवेक से विदा लेकर अपने घर आ गया और पढ़ने के लिए बैठ गया लेकिन परेशान हो गया वह अपने बैग से सभी कॉपी व पुस्तक निकालकर इधर-उधर करके देखने लगा लेकिन उसे स्कूल में किया हुआ नोटबुक नहीं मिला।

 

 

 

 

तभी रजनी उसके पास आयी और बोली – भैया क्यों परेशान हो गए हो? क्या बताऊं रजनी आज हमारा नोटबुक नहीं मिल रहा है लगता है सुधीर ने इधर उधर कर दिया। अँधेरा भी बढ़ गया है नहीं तो अभी जाकर पूछ लेता। यह सुधीर कौन है? रजनी ने नरेश से पूछा।

 

 

 

 

नरेश बोला -वह अपना दोस्त विवेक है ना जिसके साथ पढ़ाई में हमारी कम्पटीशन होती रहती है। उसी का एक छोटा भाई है सुधीर नाम है उसका बहुत प्यारा लड़का है वह अपनी शरारत से विवेक की नाक में दम किए रहता है। उसका बोलने का अंदाज इतना प्यारा है कि चाहते हुए भी कोई उसे नहीं डांट पाता है।

 

 

 

 

किसी दिन उसे तुमको मिलाऊँगा। आज की पढ़ाई तो हमारी व्यर्थ हो गयी क्योंकि आज के सारे नोट किए हुए प्रश्नोत्तर उसी नोटबुक में थे।

 

 

 

 

राम मिलन नाम का एक कुम्भार था उसके पिता का नाम हरी प्रजापति था। राम मिलन को अपने पिता से मिट्टी का बर्तन बनाने का कार्य विरासत में मिला था। राम मिलन की कहानी भी बहुत रोचक है। हरी प्रजापति जब अपने लड़के राम मिलन को मिट्टी के बर्तन बनाने की कला सिखाने का प्रयास करते तब वह अपने हम उम्र बालको के साथ खेलने के लिए भाग जाता था।

 

 

 

 

आवारा बालको के साथ खेलना उसकी पहली प्राथमिकता थी। भोजन करने का समय होने पर उसे बुलाने की आवश्यकता नहीं पड़ती थी। वह जिन्न की भांति स्वतः ही उपस्थित हो जाता और भोजन करने के बाद एक घंटा आराम उसके बाद गधे के सिर की सींग की तरह गायब हो जाता था।

 

 

 

 

उसकी मां कजरी उसे समझाकर हार गयी थी लेकिन कजरी की समझायी हुई कोई भी बात राम मिलन के गले से नीचे नहीं उतरता थक हार कर कजरी ने उसे समझाना ही छोड़ दिया। हरी प्रजापति एक दिन मिट्टी से बर्तन बना रहे थे। कजरी उनका सहयोग कर रही थी।

 

 

 

 

कजरी हरी से बोली – आप भी राम मिलन को समझाते नहीं हो। हम लोगो के सामने ही वह बर्तन बनाने की कला सीख लेता तो उसकी आजीविका बहुत आराम से चल सकती है अन्यथा हम लोगो के नहीं रहने पर उसे बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

 

 

 

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