Kafan Premchand Pdf / कफ़न प्रेमचंद Pdf

नमस्कार मित्रों, इस पोस्ट में हम आपको Kafan Premchand Pdf देने जा रहे हैं, आप नीचे की लिंक से Kafan Premchand Pdf Download कर सकते हैं और आप यहां से Godan Upanyas Pdf In Hindi कर सकते हैं।

 

 

 

Kafan Premchand Pdf Download

 

 

 

पुस्तक का नाम  Kafan Premchand Pdf
पुस्तक के लेखक  प्रेमचंद 
साइज  1 Mb 
पृष्ठ 
फॉर्मेट  Pdf
भाषा  हिंदी 
श्रेणी  कहानी 

 

 

 

 

Kafan Premchand Pdf
Kafan Premchand Pdf यहां से डाउनलोड करे।

 

 

 

Kafan Premchand Pdf
Poos Ki Raat Kahani Premchand Pdf यहां से डाउनलोड करे।

 

 

 

 

 

 

 

Note- इस वेबसाइट पर दिये गए किसी भी पीडीएफ बुक, पीडीएफ फ़ाइल से इस वेबसाइट के मालिक का कोई संबंध नहीं है और ना ही इसे हमारे सर्वर पर अपलोड किया गया है।

 

 

 

यह मात्र पाठको की सहायता के लिये इंटरनेट पर मौजूद ओपन सोर्स से लिया गया है। अगर किसी को इस वेबसाइट पर दिये गए किसी भी Pdf Books से कोई भी परेशानी हो तो हमें newsbyabhi247@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं, हम तुरंत ही उस पोस्ट को अपनी वेबसाइट से हटा देंगे।

 

 

 

सिर्फ पढ़ने के लिए

 

 

 

इतना कहते हुए मिलन ज्योति स्वरूपा का रूप ग्रहण कर लिया। रानी परी सुलेखा और सुमन ने उसे महारानी कुमुद के पास चलने के लिए कहा। सुमन परी के साथ ज्योति स्वरूपा भी महारानी कुमुद के पास जाने के लिए तैयार थी। रानी परी सुलेखा उन दोनों को साथ लेकर महारानी कुमुद के समक्ष उपस्थित हो गयी।

 

 

 

 

सभी लोगो ने महारानी कुमुद के स्वास्थ्य के लिए मंगल कामना किया। महारानी कुमुद बोली – मैं अचेतन अवस्था में पृथ्वी पर चली गयी थी। एक सरोवर पर मैंने एक आम का वृक्ष देखा। उसपर स्वर्ण आम के फल लगे हुए थे। वहां का दृश्य बहुत ही मनोरम था।

 

 

 

 

क्या तुम लोगो में से कोई भी हमे वह स्वर्ण आम लाकर दे सकता है? महारानी कुमुद की बात सुनकर रानी सुलेखा और सुमन एक दूसरे की तरफ देखने लगी। उनके चेहरे का रंगत इतना बताने के लिए पर्याप्त थी कि वह दोनों महारानी की इच्छा को पूर्ण करने में समर्थ नहीं है।

 

 

 

 

जबकि ज्योति स्वरूपा किन्नर वहां चुप खड़ी थी। उसने महारानी कुमुद से कहा – क्षमा करना महारानी! बिना स्वार्थ के कोई कार्य नहीं होता है। महारानी कुमुद बोली – लेकिन ज्योति स्वरूपा! तुम इतना समझो निःस्वार्थ किए गए कार्य का परिणाम सुखद और वृहद होता है।

 

 

 

 

आज शाम को दरबार में हम सभी परियो और किन्नरों से कहेंगे कि स्वर्ण आम लाने के लिए अपनी सामर्थ्य का समुचित उपयोग करते हुए प्रयास करे। शाम को परियो का दरबार लगा हुआ था। परियो का समूह और किन्नरों दरबार में यथा योग्य आसन ग्रहण कर चुके थे।

 

 

 

 

महारानी कुमुद के आने की प्रतीक्षा थी। रानी परी सुलेखा और महारानी की सभी परियो में श्रेष्ठ परी सुमन के साथ महारानी कुमुद दरबार की तरफ आ रही थी। महारानी जैसे ही दरबार में पहुंची वहां उपस्थित सभी परियो और किन्नरों का समूह उठकर महारानी कुमुद और रानी सुलेखा के साथ सुमन परी का भी अभिवादन करने लगा।

 

 

 

 

अभिवादन के पश्चात् सभी के आसन ग्रहण करने के बाद महारानी ने उपस्थित परी समूह और किन्नरों से कहा – विगत दिनों मैं मस्तक के दर्द सी पीड़ित थी। दर्द समाप्त करने  में किसी का प्रयास सफल नहीं हो सका लेकिन ज्योति स्वरूपा किन्नर हमारे मस्तक के दर्द को समाप्त करने में सफलता प्राप्त किया।

 

 

 

 

उस दौरान अपने अचेतन अवस्था में धरती पर चली गयी एक अज्ञात जगह पर सरोवर के किनारे मैंने एक आम का वृक्ष देखा उसके ऊपर स्वर्ण आम के फल लगे हुए थे। महारानी कुमुद की यह बात सुनकर वहां उपस्थित सभी दरबारियों की धड़कन तीव्र हो गयी और सभी लोग अपने मन में यह विचार करने लगे कही महारानी कुमुद वही स्वर्ण आम लाने के लिए न कह बैठे।

 

 

 

 

मित्रों यह पोस्ट Kafan Premchand Pdf आपको कैसी लगी, कमेंट बॉक्स में जरूर बतायें और Kafan Premchand Pdf की तरह की पोस्ट के लिये इस ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें और इसे शेयर भी करें।

 

 

 

Leave a Comment