कर्ण स्टोरी Pdf | Mahabharata Karna story in Hindi pdf

नमस्कार दोस्तों, आज के पोस्ट में हम Mahabharata Karna story in Hindi pdf के बारे में जानेंगे और आप Mahabharata Karna story in Hindi pdf को नीचे दी गयी लिंक से DOWNLOAD कर सकते है साथ ही आप Champak comics in Hindi pdf को भी डाउनलोड कर सकते है।

 

 

 

 

Mahabharata Karna story pdf

 

 

 

 

Mahabharata Karna story in Hindi pdf

 

 

 

 

 

 

 

 

वैशम्पायन ने कहा कि राजन! महाबली कर्ण के मारे जाने पर महात्मा संजय उस रात में ही उदास और खिन्न भाव से पवन के समान वेग से जाने वाले घोड़ो को हांकते हुए हस्तिनापुर में पहुंचे। तेज और श्री से रहित, खिन्न, बूढ़े धृतराष्ट्र से मिलकर हाथ जोड़कर बड़े कष्ट से उन्होंने यों कहा।

 

 

 

 

महाराज! मैं संजय हूँ। आप आराम से तो है? हाय बड़े कष्ट की बात है अपने ही दोष से आप पर यह आपत्ति आयी है। इस आपत्ति के कारण अब आप घबराते तो नहीं है? विदुर, द्रोण, श्रीकृष्ण और भीष्म ने पहले जो हित की सलाह दी थी उसे आपने नहीं माना।

 

 

 

 

अब उसका स्मरण करके आपको पछतावा तो नहीं हो रहा है? सभा में परशुराम, नारद, कण्व आदि महर्षियो ने आकर आपको हित की बातें सुनाई थी। उन्हें आपने नहीं माना। अब उनको याद करके पछताते तो नहीं है? आपके सुहृद और हितैषी भीष्म द्रोण आदि को शत्रुओ ने युद्ध में मार डाला यह स्मरण करके क्या आप व्यथित होते है? इसे Pdf File में Download करने के लिए नीचे की लिंक पर क्लिक करे।

 

 

 

 

Mahabharata Karna story in Hindi pdf Download

 

 

 

 

Mahabharata Karna story in Hindi pdf

 

 

 

 

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