Sampurna Vastu Shastra Book Pdf / सरल वास्तु शास्त्र Pdf

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सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

लगाम खींचते ही शेरू के कदम संतुलित हो गए। वह रामू के बैल के साथ ही कदम ताल मिलाते हुए चलने लगा। सुखिया अपने खेत की अच्छी तरह से जुताई करके घर वापस आ गया। शेरू को पेड़ की छांव में खूंटे से बांधकर रामू के बैल को उसके दरवाजे पर ले गया अपने बैल को देखकर रामू संतुष्ट था।

 

 

 

 

क्योंकि इस बार उसके बैल को कही से भी हानि नहीं पहुंची थी। सुखिया की गाय का दूसरा बच्चा वीरू एक साल का हो गया था। वह भी शेरू की भांति वलिष्ठ और उदंड था लेकिन जिस प्रकार दूध से जली हुई बिल्ली छांछ को भी फूंककर पीती है।

 

 

 

 

उसी प्रकार इस बार सुखिया ने पहले ही तैयारी कर रखा था। वह दो आदमियों को बुलाकर वीरू के नाक में भी नकेल डाल दिया था। चार पांच की दिन की असुविधा के बाद वीरू को भी नकेल की आदत पड़ गयी थी। अब शेरू और वीरू के साथ सुखिया को खेत में हल चलाना कोई मुश्किल कार्य नहीं था।

 

 

 

 

लेकिन वीरू को अभी खेती के कार्य के लिए तैयार करना था। एक दिन सुखिया ने शेरू और वीरू के मजबूत कंधे पर जुआ डालकर अपने कंधे पर हल रखकर खेत में गया। हल को जुए में बाँधा फिर हल खींचने के लिए शेरू को हाँक लगाई।

 

 

 

 

जो स्थिति पहले शेरू की थी आज वही स्थिति वीरू की हो गयी थी। वीरू अपनी ताकत के बल पर जुआ से निकलकर भागने के प्रयास में था लेकिन पहले और आज की स्थिति में थोड़ा सा फर्क था। सुखिया ने शेरू को बाद में नकेल लगाया था इसलिए शेरू उसे परेशान करने में सफल हो गया था।

 

 

 

 

लेकिन इस बार सुखिया सतर्क था उसने वीरू को पहले ही नकेल लगा दिया था अतः वीरू की दाल नहीं गल सकी। मजबूर होकर उसे शेरू के साथ कदम ताल मिलाना ही पड़ा। सुखिया कुछ समय के पश्चात शेरू और वीरू के साथ घर वापस आ गया।

 

 

 

 

आज वह बहुत ही प्रसन्न था। उसकी बैलो की जोड़ी तैयार हो गयी थी। सुखिया शेरू और वीरू का बहुत विशेष ध्यान रखता था। उसकी अपनी संतान उससे विमुख हो गयी थी लेकिन यह बेजुबान संतान सुखिया के एक इशारे पर कठिन से कठिन कार्य करने के लिए तैयार रहते थे।

 

 

 

 

रामू का बैल एकदम बूढ़ा हो गया था। वह उसे औने पौने दाम में ही बेच दिया था। रामू को ध्यान आया कि सुखिया के मांगने पर उसने अपना बैल दो दिन के लिए दिया था। उसके बैल की सहायता से ही सुखिया के नौसिखिया बैल खेत में चलने के योग्य बन सके है।

 

 

 

 

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