Satyarth Prakash Pdf / सत्यार्थ प्रकाश Pdf Download

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Anne Frank diary in Hindi Pdf
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सिर्फ पढ़ने के लिए

 

 

 

उसके माता पिता मिट्टी के बर्तन बनाकर किसी तरह जीवन यापन कर रहे थे। राम मिलन दिन भर आवारा लड़को के साथ खेलता रहता था। उसके माता-पिता उसे बहुत समझाते लेकिन वह कभी उनकी बातों पर ध्यान नहीं देता था। उसकी माता-पिता की दयनीय हालत देखकर मैंने राम मिलन को सुधारने का प्रयास किया।

 

 

 

 

रानी सुलेखा ने सुमन से पूछा – क्या तुम अपने प्रयास में सफल हो गयी? सुमन परियो की रानी सुलेखा से बोली – मैं अपने प्रयास में काफी हद तक सफल हो गयी थी लेकिन दीनू के कपट पूर्ण व्यवहार और राम मिलन की मुझे देखने की इच्छा ने हमारे प्रयास को विफल कर दिया।

 

 

 

 

रानी सुलेखा ने पूछा – क्या तुम राम मिलन के सामने नहीं रहती थी? मैं सदैव ही उसके सम्मुख रहती थी लेकिन अदृश्य रूप से और हमारे कहने से ही राम मिलन ने एक बेढंग काले मटके का निर्माण किया था। उसे बर्तन बनाना आता ही नहीं था और हमने ही उसे बर्तन बनाने की चुनौती दिया था।

 

 

 

 

हमारी चुनौती को स्वीकार करके मिलने ने अपने पहले प्रयास में ही उस बेढंगे काले मटके का निर्माण कर दिया था और वह बेढंगा काला मटका हमे इतना पसंद आया कि मैंने उस मटके को ही अपना स्थायी निवास बना लिया था। उसमे रहकर ही राम मिलन के साथ अन्य लोगो की सहायता करती थी।

 

 

 

 

लेकिन दीनू नामक एक व्यक्ति अपने कपट व्यवहार से उस मटके को प्राप्त कर लिया फिर उसे तोड़ दिया। हमारे रहने का स्थान समाप्त हो गया था। मैं अब राम मिलन के सम्मुख पूर्ण रूप से प्रकट हो गयी थी। हमारा निवास नष्ट हो गया था और मैं परी के रूप में सबके सामने उपस्थित नहीं रह सकती थी अतः परीलोक आना हमारे लिए महत्वपूर्ण हो गया था।

 

 

 

 

रानी परी सुलेखा बोली – सुमन तुम्हारा कार्य तो अधूरा रह गया है। रानी परी सुलेखा से सुमन बोली – हमारा कार्य प्रकृति के द्वारा बाधित किया गया है। प्रकृति के ऊपर किसी का प्रभाव नहीं रहता है। प्रकृति को नियंत्रित करने वाला सिर्फ परमेश्वर है।

 

 

 

 

रानी परी ने कहा – सुमन कभी तुम्हे प्रकृति द्वारा मौका प्रदान किया गया तब क्या तुम धरती पर फिर से जाना पसंद करोगी? सुमन रानी परी से बोली – अगर हमारे लिए परीलोक के दरवाजे नहीं बंद होंगे तो मैं अवश्य ही धरती पर फिर से जाना पसंद करुँगी।

 

 

 

 

रानी परी बोली – तुम्हारे आने के बाद राम मिलन परेशानी में घिर गया होगा। सुमन ने रानी परी से कहा – मैं चाहते हुए भी उसकी सहायता करने में असमर्थ हूँ। रानी परी सुलेखा ने कहा – अगर राम मिलन किसी प्रकार से यहां आ गया तो क्या तुम उसकी सहायता कर सकती हो?

 

 

 

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