Totke Pdf in Hindi / टोटके Pdf Download

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Totke Pdf in HIndi Download

 

 

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सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

महेशानि! पूर्वकाल की बात है मैं मन को संयम में रखकर हजारो दिव्य वर्षो तक घोर तपस्या में लगा रहा। एक दिन सहसा मेरा मन क्षुब्ध हो उठा। परमेश्वरि! मैं सम्पूर्ण लोको का उपकार करने वाला स्वतंत्र परमेश्वर हूँ। अतः उस समय मैंने लीला वश ही अपने दोनों नेत्र खोले।

 

 

 

 

खोलते ही मेरे मनोहर नेत्रपुटो से कुछ जल की बूंदे गिरी। आंसू की उन बूंदो से वहां रुद्राक्ष नामक वृक्ष उत्पन्न हो गया। भक्तो पर अनुग्रह करने के लिए वे अश्रुबिंदु स्थावरभाव को प्रकट हो गए। वे रुद्राक्ष मैंने विष्णु भक्त को तथा चारो वर्णो के लोगो को बाँट दिए।

 

 

 

 

धरती पर अपने प्रिय रुद्राक्षों को मैंने गौढ देश में उत्पन्न किया। अयोध्या, मथुरा, लंका, काशी, सह्यगिरि, मलयाचल तथा अन्य देशो में भी उनके अंकुर उगाये। वे उत्तम रुद्राक्ष असह्य पाप समूह का भेदन करने वाले तथा श्रुतियो के भी प्रेरक है।

 

 

 

 

मेरी आज्ञा से वे ब्राह्मण, वैश्य, क्षत्रिय जाति के भेद से इस धरती पर प्रकट हुए। रुद्राक्षों की ही जाति के शुभाक्ष भी है। उन ब्राह्मणादि जाति वाले रुद्राक्षों के वर्ण श्वेत, पीत तथा कृष्ण जानने चाहिए। मनुष्यो को चाहिए कि वे क्रमशः वर्ण के अनुसार अपनी जाति का ही रुद्राक्ष धारण करे।

 

 

 

 

मोक्ष और भोग की इच्छा रखने वाले चारो वर्णो के लोगो और विशेषतः शिव भक्तो को शिव पार्वती की प्रसन्नता के लिए रुद्राक्ष के फलो को अवश्य धारण करना चाहिए। आंवले के फल के बराबर जो रुद्राक्ष हो वह श्रेष्ठ बताया गया है। जो बेर के फल के बराबर हो उसे मध्यम श्रेणी का कहा गया है।

 

 

 

 

जो चने के बराबर हो उसकी गणना निम्नकोटि में की गयी है। अब इसकी उत्तमता को परखने की यह दूसरी उत्तम प्रक्रिया बताई जाती है। इसे बताने का उद्देश्य है भक्तो की हित कामना। पार्वती! तुम भली भांति प्रेम पूर्वक इस विषय को सुनो।

 

 

 

महेश्वरी! जो रुद्राक्ष बेर के फल के बराबर होता है वह उतना छोटा होने पर भी लोक में उत्तम फल देने वाला तथा सुख सौभाग्य की वृद्धि करने वाला होता है। जो रुद्राक्ष आंवले के फल के बराबर होता है वह समस्त अरिष्टों का विनाश करने वाला होता है तथा जो गुंजाफल के समान बहुत छोटा है वह सम्पूर्ण मनोरथो और फलो की सिद्धि करने वाला है।

 

 

 

 

रुद्राक्ष जैसे-जैसे छोटा होता है वैसे ही वैसे अधिक फल देने वाला होता है। एक-एक बड़े रुद्राक्ष से एक-एक छोटे रुद्राक्ष को विद्वानों ने दसगुना अधिक फल देने वाला बताया है। पापो का नाश करने के लिए रुद्राक्ष धारण आवश्यक बताया गया है। वह निश्चय ही सम्पूर्ण अभीष्ट मनोरथो का साधक है।

 

 

 

 

अतः अवश्य ही उसे धारण करना चाहिए। परमेश्वरि! लोक में मंगलमय रुद्राक्ष जैसा फल देने वाला देखा जाता है। वैसी फलदायिनी दूसरी कोई माला नहीं दिखाई देती। देवी! समान आकार प्रकार वाले, चिकने, मजबूत, स्थूल, कंटकयुक्त और सुंदर रुद्राक्ष अभिलषित पदार्थो के दाता तथा हमेशा मोक्ष और भोग देने वाले है।

 

 

 

 

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