Vashikaran Mantra Mohini Mantra Pdf / वशीकरण मंत्र मोहिनी मंत्र Pdf

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Vashikaran Mantra Mohini Mantra Pdf Download

 

 

 

पुस्तक का नाम  Vashikaran Mantra Mohini Mantra Pdf
पुस्तक के लेखक  सेठ गोविंददास 
भाषा  हिंदी 
फॉर्मेट  Pdf 
साइज  8.58 Mb 
पृष्ठ  98 
श्रेणी  मंत्र बुक 

 

 

 

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सिर्फ पढ़ने के लिये 

 

 

 

सभी परियां जैसे किसी अदृष्य सशक्ति के वशीभूत हो गयी। महारानी परी को एक अनोखे लोक में विचरण करने का अवसर मिल गया। ज्योति स्वरूपा ने कक्ष से बाहर आते ही रानी परी सुलेखा को बताया महारानी आधे घंटे के पश्चात पूर्ण स्वस्थ हो जाएगी।

 

 

 

 

चंदन की अभिमंत्रित लकड़ी की शक्ति इतनी तीव्र थी कि सभी परियां उस शक्ति के सम्मोहन से बंधी हुई ज्योति स्वरूपा के आगे-पीछे खींचती चली जा रही थी। यह स्थिति देखकर रानी परी आश्चर्य से भरी हुई स्वयं भी यंत्रवत ज्योति स्वरूपा के साथ चली जा रही थी।

 

 

 

 

ज्योति स्वरूपा रानी परी को लेकर सुमन परी के कक्ष के भीतर चली गयी। सभी परियां सम्मोहन के वशीभूत होकर जहां तहां नृत्य कर रही थी। केवल सुमन परी के ऊपर सम्मोहन का प्रभाव नहीं था। ज्योति स्वरूपा ने उसे सम्मोहन के प्रभाव से मुक्त कर रखा था।

 

 

 

 

सुमन परी को सब मालूम हो गया था कि यह सब मिलन अर्थात ज्योति स्वरूपा ने ही किया है। परीलोक में रहते हुए भी सभी की शक्तियां उस अभिमंत्रित चंदन की लकड़ी की शक्ति के आगे क्षीण हो गयी थी। महारानी परी स्वप्नावस्था में एक सरोवर पर जा पहुंची थी।

 

 

 

 

उस सरोवर पर एक आम का वृक्ष था। उसका फल स्वर्ण के समान था। वहां विचरण करते हुए महारानी को बहुत संतोष प्राप्त हो रहा था। आधे घंटे के पश्चात जब सम्मोहन का प्रभाव समाप्त हुआ तब उन्हें ज्ञात हुआ कि परीलोक में सभी परियो की अवस्था भी उनकी भांति हो चुकी है।

 

 

 

 

वह अपने-अपने कक्ष से बाहर आ गयी। उन्हें देखते ही सभी परियां फिर से अपने कार्य में व्यवस्थित हो गयी। रानी परी सुलेखा तेजी से सुमन के कक्ष से बाहर निकलकर महारानी कुमुद के पास आयी तथा उनका कुशल क्षेम पूछने लगी। सुमन के सम्मुख अब ज्योति स्वरूपा नहीं मिलन था।

 

 

 

 

सुमन परी उससे बोली – यह सब तुम्हारा ही किया हुआ है। मिलन बोला – तुम लोगो ने ही मुझे महारानी को औषधि देने के लिए कहा था और मैंने अपनी शक्ति का छोटा सा प्रयोग किया था लेकिन किसी को क्षति नहीं पहुँचाया हूँ। सुमन परी मिलन से बोली – इस छोटे से प्रयोग से सबकी दयनीय अवस्था हो गयी तो बड़ा प्रयोग करने पर क्या स्थिति होगी?

 

 

 

 

मिलन सुमन परी से बोला – तुम्हे छोड़कर सभी को ज्ञात होना चाहिए कि बिना किसी को क्षति पहुंचाए यह अदृश्य शक्ति सबको अपने वशीभूत करने के लिए विवश कर सकती है और महारानी कुमुद को समझाना यहां के सभी लोगो का कार्य है कि वह तुम्हे ज्योति स्वरूपा किन्नर को सौप दे नहीं तो इससे भी बड़ा मंत्र शक्ति का प्रयोग हो सकता है।

 

 

 

 

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